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हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए श्रीराम एवं श्रीकृष्णका आदर्श लेना चाहिए - आचार्य योगेश शास्त्री


June 13, 2012    

आषाढ कृ. ९, कलियुग वर्ष ५११४

Acharya Yogesh Shashtri, Co-ordinator, Arya Pratishthan, Bengal
आचार्य योगेश शास्त्री, समन्वयक, आर्य प्रतिष्ठान, बंगाल

रामनाथी - मुसलमान अपनी संतानपर बचपनसे ही इस्लामके संस्कार करनेके लिए प्रयत्नरत रहते हैं । वे उन्हें ऐसी चेतावनी देते हैं कि ‘जिस दिन तू नमाज नहीं पढेगा, उस दिन तुझे रोटी नहीं मिलेगी ।’ इसके विपरीत हिंदू अपने स्वधर्मके विषयमें अज्ञानी ही हैं । विद्याग्रहण करनेके उपरांत उस अनुसार आचरण करनेसे श्रीराम मर्यादापुरुषोत्तम बन गए, जबकि रावणने विद्याके अनुसार आचरण नहीं किया इसलिए उसका  अधःपतन हुआ । हिंदू राष्ट्रकी निर्मितिके लिए क्षात्रतेज समान ही ब्राह्मतेजकी भी आवश्यकता है । इसके लिए हिंदुओंको श्रीराम एवं श्रीकृष्णका आदर्श लेना चाहिए ।



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