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महाराष्ट्र के कोकण प्रांत के दापोली में ‘हिन्दू धर्मजागृति सभा’ संपन्न !

सभी समस्याओंका निराकरण करने हेतु ‘हिन्दू राष्ट्र’ की स्थापना करना ही, अनिवार्य है ! – श्री. मनोज खाडये

  • ८ सहस्र हिन्दू धर्माभिमानियोंकी उपस्थिति
  • सभा में ‘प्राणशक्ति (चेतना) वहन संस्था में आनेवाली बाधाओंके कारण होनेवाले विकारोंपर उपाय’, इस ग्रंथ का विमोचन
८ सहस्त्र धर्माभिमानियोंकी उपस्थिति में सभा संपन्न !
८ सहस्त्र धर्माभिमानियोंकी उपस्थिति में सभा संपन्न !

दापोली : दापोली के आझाद मैदान में हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा १० अप्रैल को आयोजित ‘हिन्दू धर्मजागृति सभा’ में हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. मनोज खाडये ने मनोगत व्यक्त किया।

श्री. मनोज खाडये
श्री. मनोज खाडये

अपने संबोधन में उन्होंने यह प्रतिपादित किया कि, ‘निधर्मीवादियोंके नकली सर्वधर्मसमभाव की बकवास के गंभीर परिणाम स्वरूप आज देश में आतंकवाद, धर्मांतरण, लव्ह जिहाद, लैंड जिहाद, गोहत्या, भ्रष्टाचार, अनाचार तथा महंगाई के समान समस्याओंने रौद्ररूप धारण किया है !

इन समस्याओंका निराकरण करने का एकमात्र उपाय है ‘हिन्दू राष्ट्र’ की स्थापना करना !’

इस अवसर पर, व्यासपीठ पर आय.ए.आय.एस. के (इंडिया अगेंस्ट इस्लामिक स्टेट के) महाराष्ट्र राज्य संगठक श्री. अभिजीत देशमुख तथा सनातन संस्था के श्री. दैवेश रेडकर उपस्थित थे।

‘हिन्दू धर्मजागृति सभा’ का आरंभ शंखनाद से हुआ। सनातन के श्री. ज्ञानदेव पाटिल ने शंखनाद किया। तत्पश्चात आय.ए.आय.एस. के महाराष्ट्र राज्य संगठक श्री. अभिजीत देशमुख के हाथों दीपप्रज्वलन किया गया। श्री. मनोज खाडये ने शिवाजी महाराज की प्रतिमा को पुष्पहार समर्पित किया।

‘इसिस’ को रोकने हेतु छत्रपति शिवराय का आदर्श सामने रखकर ही कार्य करना आवश्यक है ! – श्री. अभिजीत देशमुख

श्री. अभिजीत देशमुख
श्री. अभिजीत देशमुख

आय.ए.आय.एस. के (इंडिया अगेंस्ट इस्लामिक स्टेट के) महाराष्ट्र राज्य संगठक श्री. अभिजीत देशमुख ने यह प्रतिपादित किया कि, ‘गत डेढ वर्ष से पूरे विश्व में आतंवाद ने ऊधम मचा रखा है।

‘इसिस’ नामक आतंकवादी संगठन में आजतक लाखों धर्मांध युवक सम्मिलित हो रहे हैं। जून २०१४ में ‘इसिस’ ने विश्व का रेखाचित्र प्रकाशित कर पूरे विश्व में इस्लामिक स्टेट स्थापितत करने की घोषणा की है ! भारत के युवक अधिक संख्या में ‘इसिस’ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसा होते हुए भी शासन की ओर से उनपर कडी कार्रवाई करने की कोई भी योजना दिखाई नहीं देती। इसमें कश्मीर में पाकिस्तान तथा इसिस के ध्वज लहराना, जे.एन.यू.में आतंकवादी अफजल को महत्त्व देना, असदुद्दीन ओवैसी का ‘भारतमाता की जय’ कहने से विरोध प्रदर्शित करना, यह भारत में इसिस का स्वागत करने के समान ही है !

यदि भारत के राष्ट्रप्रेमी युवक राष्ट्ररक्षा हेतु सिद्ध नहीं हुए, तो शीघ्र ही भारत का खुरासान हो सकता है; अतः इसिस को रोकने के लिए छत्रपति शिवराय का आदर्श सामने रखकर कार्य करना आवश्यक है !’

उस समय श्री. मनोज खाडये तथा श्री. दैवेश रेडकर ने भी उपस्थित धर्माभिमानियोंको मार्गदर्शन किया।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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