इ.स. १०० से २०० वर्ष पूर्व कालके आयुर्वेद विशेषज्ञ चरकाचार्यजी । ‘चरकसंहिता’ प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथके निर्माणकर्ता चरकजीको ‘त्वचा चिकित्सक’ भी कहते हैं । आचार्य चरकने शरीरशास्त्र, गर्भशास्त्र, रक्ताभिसरणशास्त्र, औषधिशास्त्र इत्यादिके विषयमें अगाध शोध किया था । मधुमेह, क्षयरोग, हृदयविकार आदि दुर्धररोगोंके निदान एवं औषधोपचार विषयक अमूल्य ज्ञानके किवाड उन्होंने अखिल जगतके लिए खोल दिए । चरकाचार्यजी एवं सुश्रुताचार्यजीने इ.स. पूर्व ५००० में लिखे गए अर्थववेदसे ज्ञान प्राप्त करके ३ खंडमें आयुर्वेदपर प्रबंध लिखे ।
भारत में मैकाले के आने से पहले ब्रिटेन में अंग्रेजोंद्वारा भारतीय शिक्षाप्रणाली अपनाने का प्रयास
भगवान परशुराम
हिंदुस्तानका गौरवशाली वैज्ञानिक इतिहास !
संपूर्ण विश्वके गणितज्ञोंको विस्मयचकित करनेवाला ‘वैदिक गणित’ !
परमाणुशास्त्रके जनक आचार्य कणाद !
गुरुत्वाकर्षणका गूढ उजागर करनेवाले भास्कराचार्य !