साक्षात विष्णुस्वरूप गुरुमाता के चरणोंपर कृतज्ञता से भरी भावसुमनांजली समर्पित करनेवाला गुुरुपूर्णिमा महोत्सव १०९ स्थानोंपर संपन्न !

  • भारत में सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से गुुरुपूर्णिमा महोत्सव भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !

  • फेसबुक लाईव के माध्यम से १३ भाषाआें में ४० सहस्र से भी अधिक जिज्ञासुआें ने उठाया गुरुपूर्णिमा महोत्सव का लाभ !

मुंबई : कुछ नररत्न जैसे परमेश्‍वर का अवतारकार्य पूरा करने के लिए ही पृथ्वीपर जन्म लेते हैं ! सहस्रों वर्षों के कालपटलपर अपनी मुद्रा अंकित करनेवाले अवतारी सत्पुरुष परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी उन्हीं में से एक हैं ! तीव्र गति के साथ ईश्‍वरप्राप्ति के लिए साधकों को काल के अनुसार साधना की शिक्षा देनेवाले परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी साधकों के लिए ‘मोक्षगुरु’ हैं, वे प्रचुर ग्रंथलेखन करनेवाले ‘ज्ञानगुरु’ हैं, हिन्दुत्वनिष्ठ तथा संतों को वे धर्मगुरु लगते हैं, सबसे पहले हिन्दू राष्ट्र का उद्घोष करने के कारण राष्ट्रप्रेमियों को वे ‘राष्ट्रगुुरु’ लगते हैं, तो हिन्दू धर्म का महत्त्व तथा साधना के विषय में अमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त होने से वे एक अर्थ से जगद्गुरु प्रमाणित होत हैं ! ऐसे साक्षात विष्णुस्वरूप परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी तथा उनके गुुरु संत भक्तराज महाराज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से शुक्रवार २७ जुलाई २०१८ को गुरुपूर्णिमा महोत्सव संपन्न हुआ । इन गुरुपूर्णिमा महोत्सवों में सनातन के सद्गुरु, संत, साधक, धर्मप्रेमी, साथ ही मान्यवर उपस्थित थे । गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनेवाला यह भावसमारोह मन में आगामी हिन्दू राष्ट्र का स्वप्न साकार करने का संकल्प कर संपन्न हुआ ।

१. सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से भारत के १०९ स्थानोंपर मराठी, हिन्दी तथा कन्नड इन ३ भाषाआें में गुुरुपूर्णिमा महोत्सवों का आयोजन किया गया ।

२. महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा तमिलनाडू इन राज्यों में संपन्न ये गुुरुपूर्णिमा महोत्सव आध्यात्मिक स्तरपर धर्मनिष्ठ हिन्दू राष्ट्र का शुभारंभ प्रमाणित हुआ !

३. सुबह के सत्र में श्री व्यासपूजन तथा परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के गुरु तथा सनातन के प्रेरणास्रोत्र संत भक्तराज महाराज का प्रतिमापूजन किया गया । इस अवसरपर गुणी छात्रों को सम्मानित किया गया । ‘साधना के दृष्टिकोण तथा भावी कार्य की दिशा’, इस विषयपर साधकों का मार्गदर्शन किया गया ।

४. सायंकाल के सत्र में गुुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में परात्पर गुुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा दिए गए संदेश का वाचन किया गया । इस संदेश में व्याप्त चैतन्य के कारण उपस्थित धर्मप्रेमियों में हिन्दू राष्ट्र स्थापना का धर्मबीज बोया गया ! आनेवाले संकटकाल के विषय में गंभीरता उत्पन्न करनेवाले प्राथमिक चिकित्सा तथा क्षात्रतेज को वृद्धिंगत करनेवाले स्वरक्षा प्रात्यक्षिक इस कार्यक्रम के विशेष आकर्षण का केंद्र बने ! कुछ स्थानोंपर स्वरक्षा प्रदर्शनों के विषय में लघुचलचित्र दिखाया गया । कुछ स्थानोंपर ‘राष्ट्र एवं धर्म’ विषयपर समाज के अन्य मान्यवर वक्ताआें का मार्गदर्शन हुआ । इन महोत्सवों में प्रमुख वक्ताआें द्वारा ‘धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र तथा धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र’, इस विषय पर मार्गदर्शन के कारण गुुरुपूर्णिमा स्थलोंपर उपस्थित साधक, श्रद्धालु, सांप्रदायी, हितचिंतक तथा हिन्दुत्वनिष्ठ अंतर्मुख हुए !

फेसबुक लाईव के माध्यम से प्रसार !

फेसबुक के माध्यम से किए गए सीधे प्रसारण के माध्यम से देश-विदेशों के सहस्रों साधक तथा धर्माभिमानी इस भावसमारोह के क्षणों का अनुभव कर मन ही मन धन्य हो गए !

फेसबुकपर मराठी, हिन्दी, कन्नड, तमिल, तेलुगु, मलयालम्, गुजराती, बंगाली, उडिया, आसामी, गुरुमुखी, अंग्रेजी तथा नेपाली इन १३ भाषाआें में मार्गदर्शन किया गया । ४० सहस्र से भी अधिक जिज्ञासुआें ने इसका लाभ उठाया ।

उपस्थित धर्मप्रेमियों को हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए शपथबद्ध होने का आवाहन !

बुद्धिजीवियों द्वारा ‘भारत का संविधान ‘सेक्युलर’ होने से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना असंभव है’, यह दुष्प्रचार किया जाता है । इस दुष्प्रचार को तोड डालने के लिए हिन्दुआें को उसकी वास्तविकता समझ लेना आवश्यक है । आज की धर्मसंस्थापना का अर्थ है, भारत का अधःपात करनेवाले सेक्युलर लोकतंत्र के लिए वैकल्पिक आदर्श राज्यव्यवस्थावाला तथा हिन्दुआें को पुनः एक बार सम्मान से जीवन व्यतीत करने का अवसर प्रदान करनेवाले धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना ! उसके लिए प्रत्येक हिन्दू को धर्मशिक्षा लेकर तथा स्वयं धर्माचरण कर हिन्दू राष्ट्र के लिए यथाशक्ति योगदान देने की आवश्यकता है । इन महोत्सवों में वक्ताआें ने अपने मार्गदर्शन में गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में सभी को इस धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए शपथबद्ध होने का आवाहन किया ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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