माघ पूर्णिमा, कलियुग वर्ष ५११५
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जम्मू- जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर मुबारक गुल ने महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोप में फंसे पूर्व स्वास्थ्य राज्यमंत्री शब्बीर अहमद खान को हिरासत में लेने और उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुमति पुलिस को दे दी है। इस बीच, भूमिगत हुए पूर्व मंत्री का सोमवार को भी कोई सुराग नहीं लगा। अलबत्ता, खान की अग्रिम जमानत के लिए उनके वकील ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी।
विधानसभा सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत में स्पीकर मुबारक गुल ने कहा कि हम चाहते हैं कि छेड़छाड़ के मामले की पूरी जांच हो और केवल दोषी को सजा मिले। उन्होंने कहा कि गत रविवार को पुलिस के डीएसपी और एसएचओ मेरे पास एक पत्र लेकर आए थे, जिसमें राजौरी के विधायक और पूर्व स्वास्थ्य राज्यमंत्री शब्बीर अहमद खान की गिरफ्तारी की अनुमति का आग्रह किया गया था। मैंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को आगे की कार्रवाई की अनुमति दे दी है।
इस बीच, शब्बीर खान के वकील एडवाकेट बीएस सलाथिया ने सोमवार को श्रीनगर में उच्च न्यायालय में उनकी जमानत के लिए याचिका दायर की। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए पुलिस को मंगलवार तक अपना पक्ष रखने को कहा है। जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को होगी।
गौरतलब है कि पूर्व स्वास्थ्य राज्यमंत्री पर एक महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि मंत्री ने उसे २८ जनवरी को श्रीनगर सचिवालय में अपने कक्ष में तलब कर उससे छेड़छाड़ का प्रयास किया था। इस आरोप के बाद मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उसके बाद से ही शब्बीर गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हैं।
पूर्व स्वास्थ्य राज्यमंत्री की गिरफ्तारी के लिए डॉक्टरों का आंदोलन जारी
एक महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोप में फंसे पूर्व स्वास्थ्य राज्यमंत्री शब्बीर अहमद खान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर डॉक्टर व पैरा मेडिकल संगठनों ने पुलिस को चेताया है कि यदि चौबीस घंटों के भीतर गिरफ्तार नहीं हुई तो वे अपना प्रदर्शन उग्र करेंगे।
सोमवार को संगठनों ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सरकार मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। यदि अगले चौबीस घंटों के दौरान आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरने पर मजबूर हो जाएंगे। इन संगठनों ने मांग की है कि सभी मंत्रियों के केबिन में सीसीटीवी कैमरे लगाए।
इस दौरान संगठनों ने पीड़ित महिला डॉक्टर का लिखत बयान भी पेश किया। उसमें आरोप लगाया है कि कुछ लोग महिला डॉक्टर को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। महिला डॉक्टर ने अपने बयान में विधायक चौधरी लाल सिंह पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने उसका नाम सार्वजनिक कर उच्चतम न्यायालय के नियमों की धज्जिायां उड़ाई है। उसने पुलिस में इसकी शिकायत भी की है।
स्त्रोत : जागरण