२३ सितंबर को लव जिहाद के विरोध में हिन्दू संगठन करेगें जंतर मंतर पर विशाल धरना प्रदर्शन

आश्विन कृष्ण पक्ष दशमी, कलियुग वर्ष ५११६

  • दाऊद व अन्य आतंकवादी सरगना व खाड़ी देशों से मिल रही है भारी आर्थिक मदद

  • ‘लव-जिहाद’ –  हिन्दुओं के खिलाफ एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश


नई देहली – राजधानी के तमाम हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधियों ने आज संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कर लव जिहाद से निपटने की रणनीति तय की और केन्द्र से तत्काल ही इस पर कड़ा कानून बनाए जाने की मांग की। नई दिल्ली के हिन्दू महासभा भवन, मंदिर मार्ग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को यूनाईटेड हिंदू फ्रंट के अध्यक्ष व जूना अखाड़ा के अंतर्राश्ट्रीय सचिव महन्त श्री नारायण गिरी जी महाराज, यूनाईटेड हिंदू फ्रंट के महामंत्री व राष्ट्रवादी शिवसेना के राश्ट्रीय अध्यक्ष श्री जयभगवान गोयल, यूनाईटेड हिंदू फ्रंट के उपाध्यक्ष व हिन्दू महासभा के राश्ट्रीय अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश कौषिक ने प्रमुख रूप से संबोधित कर लव जिहाद नामक बीमारी के समूल सफाये के लिए केन्द्र सरकार से तत्काल कड़े कानून बनाए जाने और लव जिहाद पीडि़तों की मद्द के लिए हिन्दू संगठनों द्वारा एक सेल स्थापित किए जाने की घोशणा की।  इस मौके पर लव जिहाद के विरूद्ध २३ सितंबर को जंतर मंतर पर विषाल धरना प्रदर्शन किए जाने का भी निर्णय लिया गया जिसमें हिन्दू संगठनों के साथ सिख एवं जैन समाज के लोग भी षामिल होगें।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए फ्रंट के अध्यक्ष महन्त श्री नारायण गिरी जी महाराज ने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार मस्जिदों और मदरसों से हिन्दू व गैर मुस्लिम बालिग व नाबालिग लड़कियों को बहला फुसलाकर लाने वाले धर्मांध युवकों को लाखों रुपये पुरस्कार दिया जा रहे हैं और ऐसी लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवा कर उनसे जबरदस्ती शादी की जाती है। उन्होंने कहा कि इस घिनौने कार्य के लिए मुस्लिम युवक अपना नाम बदल लेने के साथ साथ तिलक और कलावा बांध कर हिन्दू होने के दिखावा करते है।


इस मौके पर राष्ट्रवादी शिवसेना अध्यक्ष श्री जयभगवान गोयल ने कहा कि ऐसे कुकर्मियों से भोली भाली लड़कियों के बचाव के लिए जन-जागरण अभियान भी चलाया जाएगा और ऐसा कोई मामला आने पर संगठन को त्वरित सूचना दी जा सकती है जिसका हम अपने ढंग से समाधान निकालेंगे।  उन्होंने कहा कि ढेरों घटनाएं होने के बावजूद भी प्रशासन ने धर्मनिरपेक्षता की पट्टी अपनी आँखों पर बाँध रखी है और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर वह मुस्लिमों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं करता है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि ईनाम के लालच में ये लोग सिर्फ भोली-भाली लड़कियों को ही ज्यादा शिकार बनाते हैं,  बल्कि ये लोग किसी को भी वासना का गंदा खेल खेलने के लिए कुचालें चलकर फंसा लेते हैं।  उन्होंने हिन्दू समाज से आवाहन  करते हुए कहा कि हम न केवल स्वयं बल्कि अपने बच्चों को भी ऐसे तत्वों से सावधान करें।

उन्होंने कहा कि फ्रंट ने माननीय राष्ट्रपति, केन्द्रीय गृहमंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, राष्ट्रीय महिला आयोग व दिल्ली के पुलिस आयुक्त आदि सभी संबंधित प्रषासनिक अधिकारियों को इस सन्दर्भ में पत्र लिख कर धारा 153ए, 323, 325 327, 342, 354, 361, 366, 366ए, 372, 375, 384, 386, 406, 420, 493, 494, 495, 496, 506, 509, 511 एव धारा 66  के अन्र्तगत ऐसे लोगों के विरूद्ध अविलम्ब मुकदमा दर्ज करने की जोरदार मांग की थी मगर सरकार अभी तक भी नहीं चेती जिसका दुशपरिणाम हम सभी के सामने है और झारखंड की राश्ट्रीय षूटर तारा सहदेव सहित दर्जनों घटनाएं हम सभी को रोज झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंन ेकहा कि सरकार इसके विरूद्ध तत्काल कड़े प्रावधान बनाए और इन घटनाओं पर रोक लगाए।

श्री गोयल ने कहा कि गरीब वर्ग की अनपढ़ या कम पढ़ी लिखी ही नहीं बल्कि अच्छी खासी पढ़ी लिखी सम्पन्न परिवारों की लड़कियाँ भी इनके झांसे में आ जाती है जिन्हें बाद में पछताने के अलावा कुछ हासिल नहीं होता।  उन्होंने कहा कि कई पीडि़त लड़कियों ने हमसे संपर्क कर अपनी आपबीती बताई है जिसे सुनकर यह तथ्य सामने आए कि लव जिहाद मुस्लिम संगठनों, आतंकवादी संगठनों और मुस्लिम देषों द्वारा रची गई एक खतरनाक साजिश है जिसके लिए वे लोग मुस्लिम युवकों को आर्थिक व अन्य सभी सहूलियतें दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पीडि़ता के अनुसार लव जिहाद में षामिल मुस्लिम युवक तांत्रिक विद्याओं एवं सम्मोहन विद्या का भी सहारा लेकर अपनी मनमर्जी करते हैं और षादी करके या षादी का झांसा देकर धर्मान्तरण करने को मजबूर करते हैं। लड़की द्वारा ऐसा न करने पर या तो उसकी हत्या कर दी जाती है या फिर वैष्यावृति के धंधे में धकेल दिया जाता हैं, मगर मुस्लिम परस्त सरकारों के दवाब के चलते पुलिस ऐसे मामलों को नजरअंदाज ही करती आई है। वर्श २००६ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी उत्तर प्रदेश सरकार को गुप्तचर एजेंसियों द्वारा निश्पक्ष जांच कराने के निर्देश जारी किये थे। किंतु जांच के नाम पर सरकार ने आज तक कुछ भी नहीं किया।

श्री गोयल ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि ऐसे लड़कों को मासूम लड़कियों को बहलाने फुसलाने, अगवा करने, उनके साथ झूठ बोलकर षादी करने का आष्वासन देकर बलात्कार करने और लड़कियों को मजबूर होकर उनकी गिरफ्त में आने के बाद उनको जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर करने, देश में दो सांप्रदायों के बीच के अमन और चैन को बिगाड़ने और देश के अंदर ऐसे कार्य से दंगा फैलाने के जुर्म में जितनी भी धाराएं लग सकती हैं उन्हें लगाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के लिए ऐसा कड़ा कानून बनाया जाए कि उन्हें किसी भी हालत में जमानत न मिल सके।  जिससे ऐसे समाज व देशद्रोहियों को कड़ा सबक मिल सके।

इस मौके पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश कौषिक ने कहा कि एक जानकारी के अनुसार सीमा पार से आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद एवं आतंरिक स्तर पर सिमी जैसे मुस्लिम आतंकवादी संगठनों द्वारा हिन्दू लड़कियों के धर्मान्तरण के लिए अपनी योजना के अनुसार लड़कों को प्रषिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है जिनका उद्देष्य यह है कि वे हिन्दू लड़कियों को अपने प्रेम के झांसे में फांसकर षादी करें एवं उनका मतपरिवर्तन करा दें और धर्मान्तरण के पष्चात उन लड़कियों को जिहादी कार्यों के जरिए जिष्मफरोषी आदि में उतारने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।  एक आंकड़े के अनुसार मात्र केरल में ही 2006 से 2009 के मध्य लगभग 2870 हिन्दू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। लेकिन मात्र 705 लड़कियों का ही पुलिस में मामला दर्ज हो सका इसके अलावा प्रतिवर्श हजारों की संख्या में लड़कियां लापता भी हो रही हैं। कुल मिलाकर लव जिहाद का एकमात्र उद्देष्य अन्य धर्मो की संख्या में कमी करके इस्लाम की जनसंख्या गैर इस्लामिक देषों में बढ़ाना है।

इस अवसर पर स्वामी ओम जी, स्वामी संतोशानन्द जी, स्वामी गिरिषानन्द जी, स्वामी देवेन्द्र गिरि जी, स्वामी रूद्रगिरि जी, स्वामी गंगानाथ जी, देवेन्द्र कुमार सिंह, मुकेश जैन आदि हिन्दू संगठनों के लोग मौजूद रहे।

Leave a Comment

Notice : The source URLs cited in the news/article might be only valid on the date the news/article was published. Most of them may become invalid from a day to a few months later. When a URL fails to work, you may go to the top level of the sources website and search for the news/article.

Disclaimer : The news/article published are collected from various sources and responsibility of news/article lies solely on the source itself. Hindu Janajagruti Samiti (HJS) or its website is not in anyway connected nor it is responsible for the news/article content presented here. ​Opinions expressed in this article are the authors personal opinions. Information, facts or opinions shared by the Author do not reflect the views of HJS and HJS is not responsible or liable for the same. The Author is responsible for accuracy, completeness, suitability and validity of any information in this article. ​